माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
माता तू कमला है तू ही नारायणी।
तू ही नित लेती मां कई अवतार है,
दुष्टों का करती मां तू ही संहार है।
तू ही नित लेती मां कई अवतार है,
दुष्टों का करती मां तू ही संहार है।
पापों से मुक्ति तू पल में दिलाए,
मन के तू सारे मां भरम मिटाएं।
माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
तू ही है जग में मां तू ही संसार है,
तू ही है महिमा वो जो अपरम्पार है।
तू ही है जग में मां तू ही संसार है,
तू ही है महिमा वो जो अपरम्पार है।
जीवों को माया तू बनके भरमाए,
भक्तों को अपने तू दरशन करवाए।
माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
तू ही है ज्योति मां तू ही अंधकार है,
तू ही है लघुता मां तू ही विस्तार है।
तू ही है ज्योति मां तू ही अंधकार है,
तू ही है लघुता मां तू ही विस्तार है।
तू ही मां जीवन का सत्य बताए,
तू ही मां दुखों से पार लगाए।
माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
तू ही बल बुद्धि मां जीवन आधार है,
देवी ही शक्ति से चलता संसार है।
तू ही बल बुद्धि मां जीवन आधार है,
देवी ही शक्ति से चलता संसार है।
जीवों को भव से तू पार ले जाएं,
भक्तों को अपने तू चरण लगाए।
माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
माता तू कमला है तू ही नारायणी...।
- महासिद्ध ईशपुत्र
प्रस्तुत भजन में गौर करनेवाली बात है कि मधु और कैटभ नाम के राक्षसों का बध भगवान विष्णु जी नें किया था. किन्तु महायोगी जी देवी योगमाया को उनका संहारक बता रहे हैं. जो कि शाक्त परम्परा के अनुसार माना जाता है कि योगमाया नेत्रों से निकाल कर आयी और योगमाया नें ही विष्णु भगवान को वरदान देने की बात मधु-कैटभ दैत्यों के मन में डाली. भगवान विष्णु जी नें तो केवल औपचारिकता पूरी की. तो अपरोक्ष रूप से शक्ति ही मधु कैटभ का नाश करने वाली संहारक देवी हुयी-"कौलान्तक पीठ हिमालय"
-------------------Bhajan------------
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
ओ साधू रे------------------
तू भी सुन ले मैय्या की कहानी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
उस दिन से------------------
उस दिन से मेरे मन में छाया है उल्लास
जिस दिन से मैय्या तेरा पाया है प्रकाश
उस दिन से मेरे मन में छाया है उल्लास
जिस दिन से मैय्या तेरा पाया है प्रकाश
ओ साधू रे------------------
मैय्या का मंत्र मैं भले नहीं जानू
पूजा आराधना प्रेम को मानू
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
ओ साधू रे------------------
तू भी सुन ले मैय्या की कहानी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मैंने मन मैं-----------------
मैंने मन मैं मैय्या तेरा पाया है विश्वास
जग के दुखों से मैं होऊं न उदास
मैंने मन मैं मैय्या तेरा पाया है विश्वास
जग के दुखों से मैं होऊं न उदास
ओ साधू रे------------------
जप तप हठ और योग न जानू
फिर भी मैं मैय्या तुझे अपना ही मानु
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
ओ साधू रे------------------
तू भी सुन ले मैय्या की कहानी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
तेरे द्वारे-----------------
तेरे द्वारे आया हूँ मैं जग से उदास
तेरा भरोसा मैय्या तेरा ही विश्वास
तेरे द्वारे आया हूँ मैं जग से उदास
तेरा भरोसा मैय्या तेरा ही विश्वास
ओ साधू रे------------------
तंत्र ये मंत्र भी ये झूठ है सारे
जब तक कोई मैय्या तुझे न पुकारे
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
ओ साधू रे------------------
तू भी सुन ले मैय्या की कहानी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
मधु कैटभ तुने मारे नारायणी
निशाचर और भूत प्रेत भी मानव बन कर आएंगे,
कोई तर्क देगा अधर्म का
कोई नए षड्यंत्र रचे ।
कोई साधु को कहे पाखंडी,
कोई न धर्म पथिक होंगे ।
जिस धरती पर ऋषि-मुनि थे,
नास्तिक केवल होंगे ।
बनाके मंडल समूह फिर वो राज-राज में जाएंगे,
एक-एक संतन का नाम ले,
कपटी उन्हें बताएंगे ।
धन की ऐसी माया चलेगी,
सब संतन गिर जाएंगे ।
जिन्होंने रोटी साथ हो खाई,
वही कलंक लगाएंगे ।
कुलटा रूप बदल कर आए उ.....,
कुलटा रूप बदल कर आए,
संत चरण में गिर जाए ।
विषकन्या का रूप बनाके,
संतन को डस जाए.....
हाय! संतन को डस जाए ।
कोई कमाने नाम स्वयं का,
धर्म-कर्म झूठलाएगा ।
ऐसे में हर सच्चा यहां पर,
केवल नीर बहाएगा....
रे केवल नीर बहाएगा ।
कोई कमाने नाम स्वयं का,
धर्म-कर्म झूठलाएगा ।
ऐसे में हर सच्चा यहां पर,
केवल नीर बहाएगा....।
निशाचर और भूत प्रेत भी मानव बन कर आएंगे,
कोई तर्क देगा अधर्म का,
कोई नए षड्यंत्र रचे ।
कोई साधु को कहे पाखंडी,
कोई न धर्म पथिक होंगे ।
जिस धरती पर ऋषि मुनि थे,
नास्तिक केवल होंगे ।
बनाके मंडल समूह फिर वो,
नगर राज में जाएंगे ।
एक-एक संतन का नाम ले,
कपटी उन्हें बताएंगे ।
- महायोगी सत्येन्द्र नाथ जी महाराज (ईशपुत्र)
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुखधाम रे
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुखधाम रे
जिनके चरणों में जग है सारा
जिनका मोती है सूरज तारा
जिनके चरणों में जग है सारा
जिनका मोती है सूरज तारा
ऐसी मैय्या को भज ले तू
ऐसी मैय्या को भज ले तू
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
जिसनें सबके दुखड़े मिटाए
जिसने सूरज चाँद बनाये
जिसनें सबके दुखड़े मिटाए
जिसने सूरज चाँद बनाये
ऐसी मैय्या को भज ले तू
ऐसी मैय्या को भज ले तू
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
आशा सबकी पूरी करती
मन के सब संताप वो हरती
आशा सबकी पूरी करती
मन के सब संताप वो हरती
ऐसी मैय्या को भज ले तू
ऐसी मैय्या को भज ले तू
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
जन्म मरण का नाता जिससे
करले प्रीत तू उस मैय्या से
जन्म मरण का नाता जिससे
करले प्रीत तू उस मैय्या से
ऐसी मैय्या को भज ले तू
ऐसी मैय्या को भज ले तू
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
- महासिद्ध ईशपुत्र
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
द्वार तेरे मैय्या आया है जोगी
द्वार तेरे मैय्या आया है जोगी
इच्छा क्या मैय्या पूरण नहीं होगी
इच्छा क्या मैय्या पूरण नहीं होगी
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
हिमालय में भटका मैय्या दर तेरा पाने
हिमालय में भटका मैय्या दर तेरा पाने
लिए कमंडल भटका मैया नीर तेरा लाने
लिए कमंडल भटका मैया नीर तेरा लाने
बिन दरस अब जाऊं नहीं मैं चाहे मुझको रुला दे
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
दर्शन को निकला मैय्या निकला भस्म मल कर
दर्शन को निकला मैय्या निकला भस्म मल कर
हिमालय भी पहुंचा मैय्या टूटा चल चल कर
हिमालय भी पहुंचा मैय्या टूटा चल चल कर
नीर बहे है नैनों से अब मुझको तू बुला ले
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
दुनिया नें मुझको मैय्या कहीं का न छोड़ा
दुनिया नें मुझको मैय्या कहीं का न छोड़ा
थक चूका हूँ जी के अब दिल को ऐसा तोडा
थक चूका हूँ जी के अब दिल को ऐसा तोडा
हर तरफ अँधियारा है अब आगे कैसे जाऊं
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
रिश्तों को देखा है नातों को जाना
रिश्तों को देखा है नातों को जाना
किस किस को अपना मैय्या मैंने माना
किस किस को अपना मैय्या मैंने माना
छूट गए हैं साथी सारे कैसे उनको मनाऊं
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
- महासिद्ध ईशपुत्र