सोमवार, 23 दिसंबर 2019

हे महादेव तू इतनी दया कर
हे महादेव तू इतनी दया कर, तुझमें समा सकूं।
पाऊं मैं तेरा ध्यान हृदय में, ध्याऊं मैं तेरा ज्ञान।

निस दिन मैं तुझको बुलाता ही जाऊं, मिट जाए मेरी पहचान।

हे महादेव तू इतनी दया कर, तुझमें समा सकूं।
मेरा मुझमें कुछ रह न पाए, तुझसी छबि मैं बनाऊं।

पागल सा बनकर मैं बढ़ता ही जाऊं, तुझको पुकारू मैं तुझको बुलाऊं।

हे महादेव तू इतनी दया कर, तुझमें समा सकूं।
आगम निगम अब आंखे हो मेरी, शिव ही हो मेरे प्राण।

सब दोष गुण अब शिव को ही अर्पित, अर्पित ये मानव मान।

हे महादेव तू इतनी दया कर, तुझमें समा सकूं।
गोपनीय रहस्य उजागर हो, सत्य का हो प्रकाश।

झूठे सारे असत्य संभाषण, पापों का हो जाए नाश।

हे महादेव तू इतनी दया कर, तुझमें समा सकूं।
- महासिद्ध ईशपुत्र

सोमवार, 25 नवंबर 2019

माता तू कमला है तू ही नारायणी
माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
माता तू कमला है तू ही नारायणी।

तू ही नित लेती मां कई अवतार है,
दुष्टों का करती मां तू ही संहार है।
तू ही नित लेती मां कई अवतार है,
दुष्टों का करती मां तू ही संहार है।

पापों से मुक्ति तू पल में दिलाए,
मन के तू सारे मां भरम मिटाएं।

माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।

तू ही है जग में मां तू ही संसार है,
 तू ही है महिमा वो जो अपरम्पार है।
तू ही है जग में मां तू ही संसार है,
 तू ही है महिमा वो जो अपरम्पार है।

जीवों को माया तू बनके भरमाए,
भक्तों को अपने तू दरशन करवाए।

माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।

तू ही है ज्योति मां तू ही अंधकार है,
तू ही है लघुता मां तू ही विस्तार है।
तू ही है ज्योति मां तू ही अंधकार है,
तू ही है लघुता मां तू ही विस्तार है।

तू ही मां जीवन का सत्य बताए,
तू ही मां दुखों से पार लगाए।

माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।

तू ही बल बुद्धि मां जीवन आधार है,
देवी ही शक्ति से चलता संसार है।
तू ही बल बुद्धि मां जीवन आधार है,
देवी ही शक्ति से चलता संसार है।

जीवों को भव से तू पार ले जाएं,
भक्तों को अपने तू चरण लगाए।

माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
माता तू कमला है तू ही नारायणी,
आदि सरस्वती काली संतोषी।
माता तू कमला है तू ही नारायणी...।
- महासिद्ध ईशपुत्र

मंगलवार, 12 नवंबर 2019

मधु कैटभ तुने मारे नारायणी

शुक्रवार, 24 मई 2019

कलियुग में संतों की दशा - बाल गीत

निशाचर और भूत प्रेत भी मानव बन कर आएंगे,
कोई तर्क देगा अधर्म का
कोई नए षड्यंत्र रचे ।
कोई साधु को कहे पाखंडी,
कोई न धर्म पथिक होंगे ।
जिस धरती पर ऋषि-मुनि थे,
नास्तिक केवल होंगे ।
बनाके मंडल समूह फिर वो राज-राज में जाएंगे,
एक-एक संतन का नाम ले, 
कपटी उन्हें बताएंगे ।
धन की ऐसी माया चलेगी,
सब संतन गिर जाएंगे ।
जिन्होंने रोटी साथ हो खाई, 
वही कलंक लगाएंगे ।
कुलटा रूप बदल कर आए उ.....,
कुलटा रूप बदल कर आए,
संत चरण में गिर जाए ।
विषकन्या का रूप बनाके,
संतन को डस जाए.....
हाय! संतन को डस जाए ।
कोई कमाने नाम स्वयं का,
धर्म-कर्म झूठलाएगा ।
ऐसे में हर सच्चा यहां पर,
केवल नीर बहाएगा....
रे केवल नीर बहाएगा ।
कोई कमाने नाम स्वयं का,
धर्म-कर्म झूठलाएगा ।
ऐसे में हर सच्चा यहां पर,
केवल नीर बहाएगा....।
निशाचर और भूत प्रेत भी मानव बन कर आएंगे,
कोई तर्क देगा अधर्म का,
कोई नए षड्यंत्र रचे ।
कोई साधु को कहे पाखंडी,
कोई न धर्म पथिक होंगे ।
जिस धरती पर ऋषि मुनि थे,
नास्तिक केवल होंगे ।
बनाके मंडल समूह फिर वो, 
नगर राज में जाएंगे ।
एक-एक संतन का नाम ले, 
कपटी उन्हें बताएंगे ।
- महायोगी सत्येन्द्र नाथ जी महाराज (ईशपुत्र)

सोमवार, 15 अप्रैल 2019

भजो रे मनवा कालिका चरण
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुखधाम रे
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुखधाम रे
जिनके चरणों में जग है सारा
जिनका मोती है सूरज तारा
जिनके चरणों में जग है सारा
जिनका मोती है सूरज तारा
ऐसी मैय्या को भज ले तू
ऐसी मैय्या को भज ले तू
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
जिसनें सबके दुखड़े मिटाए
जिसने सूरज चाँद बनाये
जिसनें सबके दुखड़े मिटाए
जिसने सूरज चाँद बनाये
ऐसी मैय्या को भज ले तू
ऐसी मैय्या को भज ले तू
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
आशा सबकी पूरी करती
मन के सब संताप वो हरती
आशा सबकी पूरी करती
मन के सब संताप वो हरती
ऐसी मैय्या को भज ले तू
ऐसी मैय्या को भज ले तू
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
जन्म मरण का नाता जिससे
करले प्रीत तू उस मैय्या से
जन्म मरण का नाता जिससे
करले प्रीत तू उस मैय्या से
ऐसी मैय्या को भज ले तू
ऐसी मैय्या को भज ले तू
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
भजो रे मनवा कलिका चरण सुखधाम रे
कलिका चरण सुख धाम रे
- महासिद्ध ईशपुत्र

शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
द्वार तेरे मैय्या आया है जोगी
द्वार तेरे मैय्या आया है जोगी
इच्छा क्या मैय्या पूरण नहीं होगी
इच्छा क्या मैय्या पूरण नहीं होगी
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
हिमालय में भटका मैय्या दर तेरा पाने
हिमालय में भटका मैय्या दर तेरा पाने
लिए कमंडल भटका मैया नीर तेरा लाने
लिए कमंडल भटका मैया नीर तेरा लाने
बिन दरस अब जाऊं नहीं मैं चाहे मुझको रुला दे
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
दर्शन को निकला मैय्या निकला भस्म मल कर
दर्शन को निकला मैय्या निकला भस्म मल कर
हिमालय भी पहुंचा मैय्या टूटा चल चल कर
हिमालय भी पहुंचा मैय्या टूटा चल चल कर
नीर बहे है नैनों से अब मुझको तू बुला ले
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
दुनिया नें मुझको मैय्या कहीं का न छोड़ा
दुनिया नें मुझको मैय्या कहीं का न छोड़ा
थक चूका हूँ जी के अब दिल को ऐसा तोडा
थक चूका हूँ जी के अब दिल को ऐसा तोडा
हर तरफ अँधियारा है अब आगे कैसे जाऊं
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
रिश्तों को देखा है नातों को जाना
रिश्तों को देखा है नातों को जाना
किस किस को अपना मैय्या मैंने माना
किस किस को अपना मैय्या मैंने माना
छूट गए हैं साथी सारे कैसे उनको मनाऊं
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
मैय्या रानी ओ काली मैय्या
- महासिद्ध ईशपुत्र