बुधवार, 13 मई 2026

विकराल कुरुकुल्ला कवच मंत्र

 

'विकराल कुरुकुल्ला कवच मंत्र' एक स्तुति मंत्र है जो 'देवी' की स्तुति के साथ-साथ ही उनकी अनुकम्पा प्रदान करने वाला है। इसे मनोकामनापूरक मन्त्र व सुरक्षा करने वाला मंत्र कहा गया है। हिमालय पर 'गण गन्धर्व' इसी प्रकार उनकी मंत्र स्तुति करते हैं। कौलान्तक पीठ टीम-हिमालय।

-------Goddess Kurukulla Mantra-----------

तू महाभैरवी देवी डाकिनी, तू गंधर्वपूजिता...

शांत रूप तेरा तू विकराला देवपूजिता...

तू वरदायिनी कैलाशवासिनी कुरुकुल्ला...

दुर्गा दुर्गतिनाशिनी तू अंबा हे जगदंबा...

ॐ ह्रीं वज्रपुष्पं हुं फट् आः सुरेखे वज्ररेखे स्त्रींकारी ह्रींकारी क्लींकारिणी कुरुकुल्ले कुल्लुकतारिणी कुल्लुकेशी हुं ऐं स्त्रीं ह्रीं फट् कीली-कीली युं हुं हुं ऐं त्रीं द्रीं क्षीं स्हूं सर्वार्थसाधिनी जाग्रय-जाग्रय ॥

(tu mahabhairavi devi dakini, tu gandharv poojitaa...

shant roop tera tu, vikaralaa Dev poojitaa.......

tu vardayini kailashwasini , kurukulla..........

durgaa durgati naashini tu, Ambaa he! jagdambaa.......)

( om hreem vjrapushpm hum phat aa: surekhe vajrrekhe streengkaaree hreengkaaree kleengkaarini kurukulle kulluktaarini kullukeshee hum aim streem hreem phat kili-kili yum hum hum aim treem dreem ksheem sahoom sarvarth sadhini jagraya-jagraya...

........)